रोहिंग्या मुसलमानो का जनसंहार करवाने पर आंग सु का पुरस्कार UK union ने किया रद्द

दुनिया की सबसे ज्यादा मजलूम मानी जाने वाली कौम रोहिंग्या मुसलमानों पर जुल्म करने वाली आंग सु की का पुरस्कार यूके यूनियन ने रद्द कर दिया है. साथ ही उसकी सदस्यता भी रद्द कर दी गयी है. दुनियाभर से आलोचनाओं के बाद भी म्यानमार की और से मुसलमानों पर जुल्म को रोका नहीं जा रहा इस बात पर खेद जताते हुए जल्द से जल्द अंतर्राष्ट्रीय जवाब देने को यूके यूनियन ने कहा.
“म्यांमार के रोहिंग्या का सामना करना पड़ता है भयावह है,” यूनियन के अध्यक्ष मार्गरेट मैक्की ने गार्जियन को बताया। “औंग सान सुची की यूनियन की मानद सदस्यता स्थगित कर दी गई है, और हमें उम्मीद है कि वह अंतरराष्ट्रीय दबाव का जवाब देगी।”
म्यांमार की चांसलर आंग सान सू की का राखिने में रोहिंग्या मुस्लिमों के नस्लीय सफाए के विरोध में ब्रिटेन संघ ने अपने दिए हुए पुरस्कार को निलंबित कर दिया है.

द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, यूनिसन के अध्यक्ष मार्गरेट मैककी ने इस बारे में कहा कि  “म्यांमार के रोहिंग्या की स्तिथि बहुत ही भयावह है. उन्होंने कहा ऑंग सान सु की यूनिसन की सदस्यता को निलंबित कर दिया गया है. हम आशा करते हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय दबाव का जवाब देंगी.”

ध्यान रहे रोहिंग्या समुदाय दुनिया के सबसे पीड़ित अल्पसंख्यक समुदाय है. सयुंक्त राष्ट्र के अनुसार, म्यांमार अब रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय का जातीय सफाया कर रहा है. जिसके चलते 400000 से ज्यादा रोहिंग्या पड़ोसी बांग्लादेश में पलायन कर चुके है.

इसी के साथ लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स स्टूडेंट यूनियन ने भी ऑंग सान सु की को अपने मानद अध्यक्ष पद से अलग करने की बात कही है.

यूनियन के महासचिव महातिर पाशा ने कहा, “हम आंग सान सू की की मानद अध्यक्षता को सक्रिय रूप से अपने मौजूदा स्थिति और नरसंहार के विरोध में निष्क्रियता के प्रतीक के रूप में निकाल देंगे.”

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