मिलिये 900 MBBS डॉक्टर तैयार करने वाले डॉ. अब्दुल क़ादिर से

नई दिल्ली – किसी शायर का ये शेर उस वक्त जेहन में आता है जब एक इंजीनियर शाहीन ग्रूप ओफ इन्स्टिटूशन की स्थापना करके डॉक्टर्स तैयार करते हैं। पेशे से इंजीनियर डॉक्टर क़ादिर ने कोचिंग इंस्टीट्यूट की शुरुआत कर्नाटक के बीदार जिले के एक छोटे से कमरे से की थी। उनके पहले बैच में मात्र 17 छात्र ही थे। डॉ. कादिर ने शुरुआत 1989 में की थी। अब्दुल कादिर समाज को पढ़ाने की कोशिश में लगे हैं। उनकी यही कोशिश आज शाहीन ग्रूप ओफ इन्स्टिटूशन के रूप में दुनिया के सामने आयी है।

डॉ. कादिर द्वारा स्थापित किया गया यह संस्थान 9 स्कूल चलाता है, 16 प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज साथ ही एक डिग्री कॉलेज जिसकी ब्रांच मसूरी और बेंगलोर में भी है। साल 2012 में इस संस्थान ने 71 छात्रों को प्रोफ़ेशनल कोर्स कराने वाले सरकारी कॉलेज में दाख़िला दिलाया। धीरे धीरे यह संख्या 2013 में 89, 2014 में 93, 2015 में 111, 2016 में 158 और इसी कड़ी में बढ़ते हुए 2017 में 2000 तक आ पहुंची है।

साल 2008 से प्रत्येक वर्ष 90 प्रतिशत छात्रों को प्रोफ़ेशनल कोर्स में एडमीशन मिलता है तो 1764 छात्रों को मेडिकल, इंजनीरिंग और दूसरे प्रोफ़ेशन सरकारी मुफ़्त कोर्सेज में एडमीशन मिलता है। इस संस्थान से लगभग 900 छात्रों ने एम बीबीएस क्रैक कर के सफलता का एक नया कीर्तीमान स्थापित किया है। बीते वर्ष शाहीन इंस्टिट्यूट के एक छात्र ने केसीईटी में तीसरी मेडिकल रैंक हासिल की थी।

गौरतलब है कि शाहीन ग्रूप ऑफ इंस्टिट्यूशन के 16,000 छात्रों को देश भर से विभिन्न कोर्स में एडमीशन देता है। संस्थान के छात्रों का विभिन्न परीक्षाओं में टॉप करना कोई नई बात नहीं है। संस्थान ने कर्नाटक के कॉमन एंटरेंस टेस्ट में लगातार अपनी सीट में बढ़त बनाता आया है।

समाज मे शिक्षा देने की सेवा देने के लिए शाहीन के संस्थापक डॉ क़ादिर को गुरुकुल अवार्ड, जिला स्तर का राज्योत्सव अवार्ड, शिक्षण रत्न प्रशस्ति, डॉ मुल्ताज ख़ान अवार्ड और कर्नाटक उर्दू अकादमी जैसे अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। डॉ क़ादिर को गुलबर्ग यूनिवर्सिटी द्वारा उनके 33वें वार्षिक कॉन्वकेशन डे पर उनकी शिक्षा, आर्ट्स, संस्कृति और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में सर्विस को देखते हुए डॉक्टरेट डिग्री से सम्मानित किया गया।

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