ताजमहल को तेजोमहालय बताकर शिव चालीसा पढ रहे हिन्दुवादी लोगों को CISF ने धक्के मारकर निकाला – देखें विडियो

नई दिल्ली – ताजमहल हिन्दुवादियों के निशाने पर आ गया है, इसी महीने में ताजमहल कई बार चर्चा मे रहा है। पहले यूपी की योगी सरकार ने ताजमहल को उत्तर प्रदेश पर्यटन के बुकलेट से निकाल दिया और उसके बाद भाजपा के ही विधायक संगीत सोम ने ताजमहल को भारतीय संस्कृति पर धब्बा करार दे दिया। उसके बाद अब एक और विवाद सामने आया है।
ताजमहल प्रांगण में दीपक शर्मा नाम के संघ हिन्दुवादी नेता ने शिव चालीसा का पाठ करने की कोशिश की, जिसके बाद ताजमहल की देखभाल करने वाले सीआईएसएफ के जवानों ने उसको रोकने की कोशिस की लेकिन दीपक शर्मा ने स्टाफ के लोगो के साथ बहस करते हुए ताजमहल में नमाज़ होने का तर्क देकर पूजा करने की बात करने लगा। हंगामे को बढ़ता देख सुरक्षा कर्मियों ने ताजमहल प्रांगण में शिव चालीसा करने वाले हिन्दुवादी कार्यकर्ताओं को धकियाकर ताजमहल से निकालते हुए हिरासत में ले लिया।
ताजमहल प्रांगण में शिव चालीसा करने आये इन हिन्दुवादियों का कुतर्क था कि ताजमहल, ताजमहल नही है बल्कि यह शिव का मंदिर है और इसका नाम तेजोमहालय है। हिंदू वाहिनी के अलीगढ़ के महानगर अध्यक्ष भारत गोस्वामी ने कहा, ‘‘हिंदूवादी सरकार में ‘तेजोमहालय’ में पूजा से रोका गया है।
गोस्वानी ने कहा कि सोमवार को शिव की पूजा की जाती है, इसलिए ‘तेजोमहालय’ में शिव चालीस का पाठ किया गया था।’’ जब इस संबंध में अधीक्षण पुरातत्वविद (आगरा) विक्रम भुवन से बात की तो उन्होंने बताया कि ताज महल में हर किसी का मोबाइल तो चेक नहीं किया जाता।
उन्होंने बताया कि ये लोग मोबाइल में कुछ देख रहे थे, तभी सीआईएसएफ कर्मियों की नजर उन पर पड़ी और उसी ने बताया कि वे शिव चालीसा का पाठ कर रहे हैं। विक्रम भुवन के मुताबिक बाद में इन लोगों द्वारा अपनी गलती स्वीकारने के बाद सीआईएसएफ ने उन्हें छोड़ दिया।

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